आज की हालात...

By Manish Aggarwal

Contributing Author for Spark Igniting Minds


आज रूपए ने मिलना स्वीकारा

मानो मन ने मन को पुकारा!


पीड़ा जो मेरी थी,

वही पीड़ा उसकी भी थी

न मैं बड़ा हो रहा था

बढ़ने की चाह उसकी भी थी!