हे भारत के वीर सपूत!!!

By Vikram Singh Rajput

Contributing Author for Spark Igniting Minds


हिंदुस्तान की गरिमा को सींचा खून पसीने से

हे भारत के वीर सपूत

तुम बसते हर दिल -सीनों में,


छोड़ सुख सुकून और रिश्तों को

तुमने यह जीवन अपनाया है

अपने शौर्य धैर्य और साहस से

दुश्मन का सर झुकाया है

माँ भारती की रक्षा में खायी गोलियाँ सीने पे

हे भारत के वीर सपूत

तुम बसते हर दिल सीने में,


मोह माया की तोड जंजीरे

जीवन अपना वार दिया

माँ बेटी बहन भाई को

यूँ रोता बिलखता छोड़ दिया

रखा तिरंगे को ऊँचा

तुमने अपने बलिदानों से

हे भारत के वीर सपूत

तुम बसते हर दिल - सीने में,


शीश झुकाकर चरणों में

नमन तुझे हम करते हैं

याद कर तेरी कुर्बानी

छाती चौड़ी करते हैं

लौ जलायी है तुमने जो

शोला बन दमकायेंगे,


हे भारत के वीर सपूत

तुम बसते हर दिल सीने में,


भेज रहे हैं स्नेह प्रियवर

लेना अपना मान तुम

स्वीकार कर यह पवित्र धागा

देना हमे यह सम्मान तुम

है मेरा कल भी सुरक्षित